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Tuesday, January 11, 2011


महत्वपूर्ण
  • १५वि लोकसभा का चुनाव २००९ में हुआ जिसमे यू .पि. को २६१ तथा एन .डी . . को १६३ सिट्टे मिली
  • लोकसभा में सर्बाधिक बार जीतने बाले व्यक्ति -इन्द्रजीत गुप्ता ११ बार
  • सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस -२०६ सिट्टे , दूसरी भारतीय जनता पार्टी -११६ , तीसरी समज्बदी पार्टी -२३ ,बहुजन समाज पार्टी -२१
  • सबसे बड़ा संसदीय क्षेत्र लदाख ( क्षेत्रफल ) में
  • सबसे छोटा संसदिये क्षेत्र लक्षदीप ।
  • केवल एक मतदाता बाला निर्वाचन क्षेत्र -गुजरात के जूनागढ़ में बनेज़ (जो की जंगल के बिच एक मंदिर का पुजारी है जिसका नाम वोटर लिस्ट में हे और ओ वोते भी देता है।)
  • सर्बाधिक मतदाता वाला क्षेत्र :- उन्नाव (उत्तर परदेश)
  • सबसे छोटा क्षेत्र :-लक्षदीप
  • प्रधानमंत्री के रूप में डाक्टर मनमोहन सिंह १४ वे व्यक्ति है ।
  • १५वि लोकसभा में महिलाओ की संख्या - जो की अबतक की सर्वाधिक है ।
  • वह राज्य जहा मतदान अनिवार्य किया गया है :-गुजरात (स्थानीय निकायों मे)।
  • एन .डी .तिवारी :- स्टिंग ऑपरेशन में फसने बाले राज्यपाल थे जो की अन्ध्रापर्देश के थे । वो २ बार उत्तेर प्रदेश के मुख्यमंत्री भी रह चुके हे और कांग्रेस के दिगज़ नेता थे ।
  • सबसे अधिक समय तक कांग्रेस अध्यक्ष बने रहने का गोरव सोनिया गाँधी को प्राप्त है (१२ बार)।
  • लोकसभा में बिपक्ष के नेता है :-सुषमा स्वराज
  • राज्यसभा में बिपक्ष के नेता है :-अरुण जेटली
  • वोमेन रेजर्बेसन बिल .राज्य सभा मे पारित हो चूका है यह १०८ बा संबिधान संसोधन विधेयक हैं। (इससे लोकसभा और राज्यसभा में महिलाओ को ३३ % आरक्षण मिलेगा ,इसे कम से कम ५०% बिधान्सभाओ से पास होना चाहिए ।
  • गुजरात के उच्चन्यायालय ने सबसे पहले हिंदी को राज्य्भासा मानाने से इंकार किया और उसने यह भी कहा की हमारे संबिधान में ऐसा कोई प्रावधान नहीं हे ।
  • ११० बा संबिधान संशोधक विधेयक :- पंचायतो में महिलाओ का आरक्षण ३३% से बढाकर ५०% करने की प्रक्रिया ।
  • आन्ध्र प्रदेश ने धर्म के आधार पर आरक्षण दिया ।
  • देश में पहला इ न्यायालय :-गुजरात
  • सबसे अधिक जनसंख्या घनत्व वाला राज्य :- पशिम बेंगोल ९०३ व्यक्ति पैर किलोमीटर.
  • सबसे कम जनसँख्या घनत्व बाला राज्य :-अरुणाचल परदेश
  • उच्चतम न्यायलय में नयाधिसो की संख्या :-३०+ =३१
  • १९ वे बिधि योग के अध्यक्ष :-पि वि रेड्डी .मार्च २०१० से अगस्त २०१२ तक
  • भारत में निर्मित पहल पन्द्दुबी आई .एन .अस .अरिहंत जिसे विसखापतनम के तट पर उताडा गया ।
  • रूस से प्राप्त परमाणु पन्द्दुबी :- नेर्पा (भारत में यह आई .अन .अस चक्र के नाम से परसिध है)
  • मिग श्रेणी का आधुनिकतम लड़ाकू प्लेन :-मिग २९ भारत ने रूस से खरीदी है
  • भारत ने जिस देश से स्कोर्पिओं पन्द्दुबी का समझोता किया है वह फ़्रांस है । इस पन्द्दुबी में ब्रह्मोस मिसाइल लगाईं जाएगी।
  • अग्नि प्रथम -७००कि .मी। तक मार्क क्षमता ।
  • अग्नि दुतीय-२००० कि .मी
  • अग्नि तिर्तीय -३००० कि .मी।
  • अग्नि चतुर्थ (भविष्य मिसाइल )-५००० कि.मी।
  • पृथ्वी-२ सतह से सतह पर मार करने वाली ३५० कि .मी।
  • अस्त्र -सतह से सतह मार करने वाली -३५० कि.मी।
  • धनुष -सतह से सतह मार करने वाली ३५० कि.मी

Friday, December 31, 2010

हे ! प्रभु इस नए साल पर सब को सुख समृधि और सद्बुधी प्रदान करे ताकि .........हमारा देश का समुचित बिकास हो ........हम अपने चाहने वालो ...मेरे दरिद्रनारायण दीन तथा उन लोग जो इस देश को गाहे बगाहे लुट या बर्बाद कर रहे हैं ..भगवान् उनको सद्बुधी प्रदान करे. ........सबको दिल से
नए बर्ष की शुभकामना देता हूँ .....
उन सब के लिए नव वर्ष मंगलमय हो.....................!!

मुबारकबाद कैसे दूँ.........??????

दिल से दूँ या दिमाग से दूँ ....
फूलो की नाज़ुक पंखुरी से
या .... ! दहकती आग से दूँ।
सोच नहीं पा रहा हु की इस नए साल पे ,
मुबारकबाद कैसे दूँ..................?

चमन से दूँ या बहार से दूँ ,
गुल से या गुले गुलज़ार से दूँ,
हवा की ठंडी पछुवा बयार से दूँ ,
या ...जेहन में बसे मीठी मुश्कान से दूँ....
सोच नहीं पा रहा हु की नए साल पे
मुबारकबाद कैसे दूँ............?

Tuesday, November 23, 2010

ललकार .....!




मत सोच तुझे हे क्या करना...?
मत सोच तुझे हे क्या बनना ....?
जो होता हे हो जाने दे,
अपना सबकुछ खो जाने दे ,
चलने दे जीवन की घड़िया,
उसमे कभी बाधा तू बन ,
पर लगे रहो ले कर तन मन |
देख कभी पीछे मुड़कर,
खोने में ही तेरा सुख हे,
पा जायेगा रुक जायेगा
रुकना तो तेरी मौत ही हे ,
जीवन की तेरी सौत ही हे,
चलने दे जैसा चलता हे ,
संकट के भय से क्या डरना ... ?
मत सोच तुझे हे क्या करना...?
मत सोच तुझे हे क्या बनना ....?

डरने की कोई बात नहीं ,
डर कर कब तक जी पाओगे ,
क्या ....? संग्राम नहीं देखा तुमने,
वीरो की हे ये बसुन्धरा ,
डरने बाले मर जाते हैं ,
जीना है , तो खुल कर जी ले ,
बसुधा के अमृत को पी ले,
कायर की भांति जीना क्या ...?
उससे अच्छा तो मौत भला ...!!
साहस कर के देख जरा,
सब कुछ तेरा अपना होगा,
जिसको तू स्वप्नों सा जाना ,
साकार तेरा सपना होगा.....|
साहसी ! ध्वज लहराते हैं,
कायर सोते रह जाते है|
एक दिन सफलता आयेगी ,
तेरे आगे झुक जाएगी ,
उस दिन तू समझ पायेगा,
संसार देखता रह जायेगा |
लोग बाँहे फैलायेगे फिर तुझको गले लगायेगे |
फिर तू धन्य हो जायेगा ,
तेरा जन्म सफल हो जायेगा ,

अब सोच तुझे हे क्या करना ?
कायर बनकर जीवन जीना या ,
साहसी होकर मर जाना ..........?
यह प्रशन छोड़कर जाता हूँ !
अंतिम संकल्प सुनाता हूँ !
तेरा जीवन, तू जैसा जी........!
कोई पूछने नहीं आयेगा .....!
पेश करेगा ,साहसिक नैतिकता ,
संसार नतमस्तक हो जायेगा........!







Sunday, October 31, 2010

कुछ नहीं ...........!

अक्सर जब वो,
कुछ बाते करते हें ,
तो पता नहीं ऐसा क्यों लगता हे ?
की बात मेरे बारे में ही छिड़ी हो ...?
मेरा बहम या,
प्यार का पागलपन
जब उनसे पूछो हसने की बजह ,
तो उनका कहना .........!
"कुछ नहीं "
दिल में पता नहीं क्यों ?
एक तूफान मचा जाती हैं.....!
पर उनका ये अल्फाज़ .....
मेरे दिल को बहुत भाता हैं .......!

Wednesday, September 29, 2010

धर्मांध


आज फिर लोग परेंशा क्यों हें !

क्या हमारा देश फिर सुलगने वाला हे ?
देश का हर वर्ग....! जानना चाहता हे की ........!
जीत आखिर किसकी होगी ...
राम की या रहीम की .....................?

आखिर ये धर्मांध,
कब समझ पाएंगे कोई भी हारे ॥!
असली हार तो मानवता की होगी

हम सिर्फ ब्याख्यान देते हे ,
" इश्वर एक हैं "
अमल नहीं करते !
अगर अमल करते तो ,
आज ये नौवत ही नहीं आती ...?

अगर वास्तव में इश्वर एक हें ,
तो न राम और न ही रहीम की हार होगी !
ये इश्वर की हार होगी...!

क्या फर्क पर जायेगा अगर वहां ,
मंदिर बने या मस्जिद ,
अगर हम उस पालनकर्ता के सच्चे हितेषी हे ।!
तो क्यों न ?
वहां ऐसी ईमारत की बुनियाद रखी जाये ,
जो मानवता की सच्ची सेवा कर सके ...?
जिसपे हिन्दू ,मुस्लिम तथा देश के अन्य संप्रदाय को नाज़ हो!

Wednesday, September 22, 2010

करवाहट जीवन की........!



जिन्दगी में अहसास ,
कुछ इस तरह मिला की हम खुद को ही खो बैठे
हम उन्हें चाहते हे दिलबर की तरह,
वो मुझसे रहते हे ,कुछ रूठे-रूठे ,
अब तो डरता हु अपने ही वजूद से |
न जाने जिन्दगी किस मोड़ पर,
क्या गुनाह कर बैठे ?

क्या ? मेरे ही दिल में तमन्ना है उन्हें पाने का,
या , वो भी तडपते होंगे मेरे लिए ,
शायद ये मेरा वहम हे , या उनका दिल बेरहम हे !
इसलिए तो वो मुझसे रहते हे कुछ ऐठे - ऐठे ,
तभी तो डरता हु अपने वजूद से ,
न जाने जिन्दगी किस मोड़ पर,
क्या गुनाह कर बैठे ?